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इन खूबियों के कारण बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे अन्य एक्सप्रेस-वे की तुलना में है खास,आज सीएम लेंगे इसका जायजा

उत्तर प्रदेश सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है और यहां कई नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अभी भी किया जा रहा है। बहुत ही जल्द उत्तर प्रदेश को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की सौगात मिलने वाली है और इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य पूरा होने से यहां पर लोगों का काफी ज्यादा विकास होगा।

16 जुलाई को बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा इसका शिलान्यास किए जाने से पहले आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा इसके जायजा लिया जाएगा। इस एक्सप्रेस वे में कई ऐसे खो गया है जो रेलखंड एक्सप्रेसवे को अन एक्सप्रेस वे से काफी ज्यादा अलग बनाती है।

बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे की भार क्षमता नापी गई। बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे 165 टन का भार झेल लेगा। हाईवे पर बने सभी 18 पुलों पर किया गया भार परीक्षण सफल रहा। इन पुलों पर 24 घंटे 20-20 टन गिट्टी और मौरंग लोडेड ट्रकों को खड़ा कर क्षमता नापी गई।

तीन माह में बने रेल लाइन ओवरब्रिज-

एक्सप्रेस-वे पर कुल चार रेलवे ओवरब्रिज हैं। जो महज तीन माह में बनकर तैयार हुए हैं। पैकेज वन में चित्रकूट-बदौसा के बीच 109.785 मीटर चौड़ा, पैकेज दो में इचौली-अकोना के बीच 101.104 मीटर चौड़ा, पैकेज चार में भुआ-ऐट के बीच 84.316 मीटर और पैकेज छह में अछल्दा-घसारा के बीच 109.554 मीटर चौड़ा रेल लाइन ओवरब्रिज एक्सप्रेस वे पर बना है।

इन नदियों पर बने पुल-

बागेन, केन, श्यामा, यमुना, चंद्रावल, बिरमा, बेतवा, यमुना और सेंगर नदी पर एक्सप्रेस-वे पुल बने हैं। इसके अलावा अतर्रा मेन ब्रांच नहर, जलालपुर ब्रांच नहर, लोअर गंगा कैनाल और पैकेज छह में नहर पर एक्सप्रेस-वे पुल बने हैं।

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