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उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती से आत्मनिर्भर बनेंगे किसान, जानिए कैसे मिलेगा प्रकृतिक खेती करने का लाभ

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा अपने दूसरे कार्यकाल में लगातार विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। योगी सरकार के द्वारा सिर्फ शहरों के विकास पर ही नहीं बल्कि गांव के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रदेश सरकार का प्राकृतिक खेती (आर्गेनिक खेती) पर विशेष जोर है। खेती बिना बीज के संभव नहीं है, इसलिए प्राकृतिक खेती के लिए अब बीज उत्पादन भी होगा।

आपको बता दें कि 100 राजकीय कृषि क्षेत्रों में बीज उत्पादन के लिए क्षेत्रफल भी तय कर लिया गया है। मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को इसके लिए आदेश दिया गया है कि वह खरीफ से ही बीज उत्पादन शुरू कर दे।

यूपी में अभी तक 4784 क्लस्टर्स में 1,75,000 किसान 95,680 हेक्टेयर में जैविक खेती कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि रासायनिक खादों और जहरीले कीटनाशकों की जगह उपज बढ़ाने वाले जैविक उत्पादों का प्रयोग करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए।

अपर मुख्य सचिव कृषि डा. देवेश चतुर्वेदी ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को भेजे आदेश में लिखा है कि प्रदेश में स्थापित राजकीय कृषि प्रक्षेत्रों में से 10 से 20 हेक्टेयर वाले प्रक्षेत्रों पर एक हेक्टेयर क्षेत्रफल पर और 20 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले प्रक्षेत्रों पर दो हेक्टेयर क्षेत्रफल पर प्राकृतिक खेती के लिए बीज उत्पादन कराने का निर्णय लिया गया है।

आपको बता दें कि 10 हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाले जमीन पर प्राकृतिक खेती नहीं की जाएगी। अन्य प्रक्षेत्रों की संख्या करीब 100 है। निर्देश है कि उत्पादित बीजों की टैगिंग व पैकिंग कराकर किसानों को वितरित करने के लिए पहले की व्यवस्था के अनुसार भेजा जाए।

योगी सरकार ने कहा है कि प्राकृतिक खेती करने से जमीन उपजाऊ तो होगी साथ ही साथ किसानों की आय भी बढ़ेगी इसलिए प्रकृति क्षेत्र को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाए।

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