उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा यात्रियों की यात्रा सुरक्षित करने के लिए कई तरह के प्रयत्न किए जा रहे हैं। अब ट्रेनों के तरह यूपी के सभी यात्री वाहनों में ट्रेकिंग की सुविधा दी जाएगी ताकि समय समय पर उसे ट्रैक किया जा सके और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सही इंतजाम हो सके।

निगरानी के लिए प्रदेश सरकार ने छह करोड़ रुपये बजट में मजूरी दी है। इस पैसे से परिवहन विभाग मुख्यालय पर एक साल के भीतर कंमाड सेंटर बनकर तैयार होगा। आपको बता दें कि इस कमांड सेंटर के पास ही सभी यात्री वाहनों पर नजर रखा जाएगा।

ताकि आम जनता का सफर सुरक्षित रहें। दरअसल, प्रदेश सरकार ने अपने बजट में परिवहन विभाग को 546 करोड़ रुपये दिए हैं। जोकि पिछले साल से 100 करोड़ ज्यादा है। इनमें परिवहन निगम को 120 करोड़ रुपये मिले हैं।

इन वाहनों में लगेंगे वीटीएस
-रोडवेज बसें, नगर बसें, थ्री व्हीलर ऑटो, सीएनजी टेंपो व टैक्सी-कैब में वीटीएस अनिवार्य होगा
-परिवहन विभाग जल्द गाइडलाइन जारी करके वीटीएस लगवाने की अंतिम तारीख की घोषणा करेगा
दो साल बाद मिली मंजूरी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 2020 में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक यात्री वाहनों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाने की मंजूरी दी थी।

पैनिक बटन भी लगेगा, डायल 100 से लिंक होगा
सार्वजनिक यात्री वाहनों में वीटीएस के साथ पैनिक बटन भी लगेगा। यह पैनिक बटन कमाण्ड सेंटर के साथ डायल 100 से लिंक होगा। यात्री किसी मुसीबत में बटन के दबाते वीटीएस से लोकेशन लेकर मौके पर पहुंच जाएगी।
वीटीएस और पैनिक बटन लगने से ये फायदें
-हर प्रकार के सार्वजनिक यात्री वाहनों में लोगों का सफर सुरक्षित रहेगा
-महिला यात्री किसी मुसीबत पर पैनिक बटन दबाकर मदद ले सकती हैं
-वीटीएस के जरिए यात्री वाहनों के चालकों की मनमानी नजर रखी जाएगी

यहां-यहां खर्च होगा बजट का पैसा
-100 करोड़ रुपये यूपी परिवहन और उत्तराखंड के बीच संम्पत्ति बंटवारे में
-20 करोड़ रुपये से जर्जर बस अड्डे का निर्माण और नए बस अड्डे बनेंगे
-49 करोड़ रुपये सड़क हादसे कम करने के लिए सड़क सुरक्षा पर खर्च होगा
-पांच करोड़ रुपये वर्ड बैंक की परियोजनाओं से जुड़े कार्यो पर खर्च होंगे
-आठ करोड़ रुपये आरटीओ कार्यालय के भवन निर्माण पर खर्च होंगे
-बाकी पैसा परिवहन विभाग में वेतन समेत अन्य विविध मद में खर्च होंगे