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उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है मंकीपॉक्स वायरस का खतरा,स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया यह दिशा निर्देश

देश दुनिया में कोरोनावायरस का दहशत अभी काम नहीं हुआ है लेकिन दूसरी तरफ मंकीपॉक्स के मामले लगातार बढ़ने लगे हैं। मंकीपॉक्स के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है और उत्तर प्रदेश में भी इसको लेकर विशेष सावधानियां बरती जा रही है।

मंकी पॉक्स के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मेरठ में इससे निपटने की तैयारियां तेज हो गई है। मेरठ में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा चुका है।

जिसमें मास्टर ट्रेनरों को तैयार किया जा रहा है। ये मास्टर ट्रेनरों की ट्रेनिंग के बाद ही मंडलीय, जनपदीय, ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों और नगरीय स्वास्थ्य इकाइयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों और पैरा मेडिकल कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

आपको बता दें कि इसके साथ ही साथ सर्विलांस के लिए कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर सौर प्लांट लाइन वर्कर को विशेष प्रशिक्षण मंकीपॉक्स वायरस को लेकर दिया जाएगा।

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा0 अशोक तालियान ने बताया कि मंकी पॉक्स एक पशु जनित बीमारी है ये बीमारी दो से चार सप्ताह में ठीक होती है।

संक्रमित लोगों की स्क्रीनिंग जरूरी है। इनकी 21 दिन तक निगरानी की जाएगी। पॉक्स रोगी के संपर्क में आने वाली किसी भी सामग्री जैसे बिस्तर आदि के संपर्क में आने से बचें। जिनमें मंकी पॉक्स के लक्षण दिखाई दे उन रोगियों को दूसरों से अलग आइसोलेट रखें। रोगियों की देखभाल करते समय पीपीई किट का उपयोग करें।

दूसरों के साथ संपर्क के जोखिम को कम करने के लिए घावों को ज्यादा से ज्यादा ढका जाना चाहिए।

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