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यूपी मे एक-दो नहीं बनेंगे छह और नए एक्सप्रेसवे, इन जिलों को होगा फायदा

राज्य सरकार उत्तर प्रदेश में छह और नए एक्सप्रेसवे बनाने जा रही है। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी के समक्ष उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने पर्यटन भवन बैठक के दौरान इसका प्रस्तुतीकरण किया। इसके बाद यूपी सर्वाधिक एक्सप्रेसवे बनाने वाला देश का पहला राज्य हो जाएगा। छह एक्सप्रेस का निर्माण पूरा हो चुका है और सात पर काम चल रहा है और छह नए को मिलाकर कुल 19 एक्सप्रेसवे हो जाएंगे।

– सर्वाधिक 19 एक्सप्रेसवे बनाने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा

– वाराणसी और हरिद्वार से भी जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे : नंद गोपाल नंदी

औद्योगिक विकास मंत्री ने बताया कि प्रयागराज-वाराणसी एक्सप्रेस वे 110 किलोमीटर, मेरठ से हरिद्वार एक्सप्रेसवे 110 किमी, गंगा एक्सप्रेसवे से शाहजहांपुर बरेली होते हुए रामपुर रुद्रपुर उत्तराखंड सीमा तक, चित्रकूट से प्रयागराज, झांसी लिंक एनएच-27 से बुंदेलखंड और विंध्य एक्सप्रेसवे चित्रकूट से मिर्जापुर का निर्माण कराया जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत पहले चरण में मेरठ से प्रयागराज तक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण का काम स्वीकृत है। उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों हरिद्वार, प्रयागराज व वाराणसी को एक तीव्र गति से जोड़ा जाएगा। दूसरे चरण में मेरठ से हरिद्वार व प्रयागराज से वाराणसी तक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव है।

प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे

– प्रयागराज वाराणसी एक्सप्रेस वे 110 किमी

– मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे 110 किमी

– गंगा एक्सप्रेसवे से शाहजहांपुर बरेली होते हुए रामपुर रुद्रपुर उत्तराखंड सीमा

– चित्रकूट से प्रयागराज एक्सप्रेसवे

– झांसी लिंक एनएच 27 से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे

– विंध्य एक्सप्रेसवे चित्रकूट से मिर्जापुर

बन चुके एक्सप्रेसवे

– यमुना एक्सप्रेस वे 165 किमी

– नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे 25 किमी

– आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे 302 किमी

– दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे 96 किमी

– पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 341 किमी

– बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे 296 किमी

निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे

– गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे 91 किमी

– गंगा एक्सप्रेसवे 594 किमी

– लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे 63 किमी

– गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे 380 किमी

– गोरखपुर-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे 519 किमी

– दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे 210 किमी

– गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट एक्सप्रेसवे 117 किमी

उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेस वे का लाभ निकटवर्ती जिलों को भी मिलेगा। एक्सप्रेसवे पर यातायात में बढ़ोतरी के लिए गंगा एक्सप्रेसवे से शाहजहांपुर बरेली होते हुए रामपुर, रुद्रपुर उत्तराखंड सीमा में एक एक्सप्रेसवे का निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव है। चित्रकूट से आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के मध्य बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जा चुका है, यदि चित्रकूट धाम को प्रयागराज होते हुए गंगा एक्सप्रेस वे से जोड़ दिया जाता है तो पश्चिमी व पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड से आने वालों को काफी सुविधा होगी।

उन्होंने बताया कि मिर्जापुर को कालीन और पीतल के बर्तन के उद्योगों के लिए जाना जाता है। विंध्याचल, अष्टभुजा और काली खोह के पवित्र मंदिर और देवरहवा बाबा के आश्रम के लिए भी प्रसिद्ध है। कई झरने, पहाड़ियों जैसे कई प्राकृतिक स्थलों के बाद भी यह अत्यंत पिछड़े जिलों में शामिल है। प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के बनने से पश्चिमी यूपी व बुंदेलखंड के बीच सुगम यातायात की सुविधा हो जाएगी। बैठक में मुख्यकार्यपालक अधिकारी यूपीडा अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास अरविंद कुमार, सीईओ इंवेस्ट यूपी अभिषेक प्रकाश समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Note : तस्वीर काल्पनिक है।

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