Latest Posts

यूपी के इस जिले में चलेगी 200 और सिटी बसें, मात्र पाँच मिनट मे मिलेगी बसें

कानपुर में दिन पर दिन यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है. यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए 200 और बसों की डिमांड का प्रस्ताव बनाकर नगरीय परिवहन निदेशालय को भेजा है. इसमें से 100 ई-बसें तो 100 सीएनजी चालित बसें होंगी. यह प्रस्ताव जिला सड़क, परिवहन ट्रांसपोर्ट कमेटी की सर्वे रिपोर्ट के बाद भेजा गया है. सर्वे रिपोर्ट में पाया गया है कि कानपुर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से चलने वाले यात्रियों में 10 साल में 4 गुना की बढ़ोतरी हुई है.

यात्रियों की संख्या बढ़ी वाहन घटे

कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों के मुताबिक, अभी बमुश्किल 72 सीएनजी बसें कानपुर में चल रही हैं. रोज की बसों पर यात्री लोड 20 हजार पार हो चुका है. वर्तमान में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से 6 लाख लोग सफर करते हैं. इसमें सबसे अधिक भागीदारी ई-रिक्शा और टेंपो से सवारी ढोने की है. अगर देखा जाए तो साल 2012 में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से चलने वालों की संख्या लगभग 1.5 लाख की थी, तब रोडवेज की 300 सीएनजी बसें और निजी बसें लगभग 240 थीं. वर्तमान समय में रोडवेज की कुल 230 बसें हैं. निजी बसों की संख्या भी घटकर 120 ही रह गई है. टेंपो संख्या वर्ष 2012 में 3860 थी जो घटकर 3615 ही बची है. यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है लेकिन वाहन कम पड़ गए हैं. जल्द ही 200 बसें सिटी ट्रांसपोर्ट के बेड़े में जोड़ दी जाएंगी.

डिमांड के मुताबिक नहीं चल पा रही बसें

कानपुर के आउटर इलाके जैसे गुजैनी, बर्रा, गोपालनगर, रूमा, महाराजपुर, सरसौल, पनकी, गंगागंज, आवास विकास, नानकारी, ज्योरा-ख्योरा इलाकों में सबसे अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जरूरत सर्वे में बताई गई है. यहां पर सार्वजनिक वाहनों की संख्या कम होने से इन इलाकों में डिमांड के मुताबिक बसें चल ही नहीं पा रही हैं. परिवहन विभाग ने डिमांड के मुताबिक, 28 रुट प्रस्तावित किए हैं. रुट के हिसाब से बसों की डिमांड की गई है.

हर 5 मिनट में मिलेंगी बसें

कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी की क्षेत्रीय प्रबंधक डीवी सिंह का कहना है कि प्रस्ताव बनाकर निदेशालय को भेजा गया है।बसों के आने से शहर भर के हर रूट पर ई और सीएनजी बसों का जाल फैल जाएगा. हर एक यात्री को पांच-पांच मिनट बसें उपलब्ध होंगी. इसके अलावा शहर में चलने वाले टेंपो, आटो और ई-रिक्शों को प्रस्तावित रूटों पर संख्या निर्धारित करके चलाने का फैसला हुआ है.

Latest Posts

Don't Miss