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यूपी के इस जिले में 29 डाक्टरों के नाम पर चल रहे 90 अस्पताल, सभी को नोटिस

अस्पतालों की कारगुजारी में एक और अध्याय जुड़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे की अंतिम रिपोर्ट के मुताबिक 29 डाक्टरों के नाम पर 90 अस्पताल चल रहे हैं। यानि इन अस्पतालों के पर्सन इंचार्ज के रूप में इन्हीं डाक्टरों के नाम दर्ज हैं। विभाग की नियमावली के मुताबिक एक अस्पताल को संचालित करने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होता है। लाइसेंस कोई भी ले सकता है लेकिन अस्पताल को चलाने के लिए एक पर्सन इंचार्ज होना चाहिए। यह चिकित्सीय गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होता है। यानि अस्पताल में मरीजों की भर्ती से लेकर इलाज और डिस्चार्ज की जिम्मेदारी इसी पर रहती है।

लाइसेंस के आवेदन में इसका नाम होता है। यानि उसे फुल टाइम होना चाहिए। आवेदन में बाकायदा डाक्टर की डिग्री भी लगाई जाती है। यहीं गड़बड़ी पाई गई है। कुल 29 डाक्टर ऐसे पाए गए हैं जिनकी डिग्रियां 90 अस्पतालों में लगाई गई हैं। मतलब यह कि औसतन एक डाक्टर के नाम पर तीन अस्पताल चल रहे हैं। विभाग ने सभी को नोटिस जारी किए हैं। सात दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न देने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर डाक्टर पर कार्यवाही होगी। 

दो डाक्टरों ने किया इन्कार 

दो डाक्टरों के नाम का इस्तेमाल पांच-छह अस्पतालों में इस्तेमाल किया गया है। विभाग ने इन्हें नोटिस दिया था। अब इन डाक्टरों ने जवाब भेजा है। इसके मुताबिक उन्होंने इन अस्पतालों में अपनी डिग्रियां नहीं लगाई हैं। इनके नाम डा. रवींद्र कुमार वार्ष्णेय और डा. मनीष कुमार बताए गए हैं। अब विभाग अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही करेगा। 

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया, सभी रिपोर्ट मिलाने के बाद ऐसे 28-29 डाक्टर हैं जिनका नाम एक से अधिक अस्पतालों में इस्तेमाल किया गया है। सभी को सात दिन का नोटिस दिया गया है। स्पष्टीकरण न देने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। 

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