उत्तर प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी डीजीपी की ऐसी विदाई दी गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजकल कानून व्यवस्था को लेकर काफी ज्यादा सीरियस पूछ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार देश में क्राइम नहीं होनी चाहिए और साथ ही साथ सख्ती बरती जाएगी क्योंकि up में कोई भी गुंडा और माफिया राज ना हो।

किसी डीजीपी पर अकर्मण्यता का आरोप लगाते हुए सीधे डीजी नागरिक सुरक्षा के पद पर भेजा गया है। इससे पहले कई डीजीपी हटाए गए लेकिन उन्हें अकर्मण्यता के आरोप के चलते सीधे नागरिक सुरक्षा के पद पर नहीं भेजा गया।

सबसे पहले साल 2013 मे मुकुल गोयल को एडीजी बनाया गया था। चुनाव के दौरान पुलिस के मुखिया की जो नेतृत्व क्षमता दिखनी चाहिए थी, वह न दिखने के कारण शासन नाराज चल रहा था।

बता दें कि कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकुल गोयल को हटाकर डीजी नागरिक सुरक्षा के पद पर भेज दिया। बता दें कि मुकुल गोयल को शासकीय कार्यों का और है ना और विभाग के कार्यों में रुचि न लेने के कारण होता है। सपा सरकार के समय मुकुल गोयल विवादों में घिरे थे। चंद्र योगी आदित्यनाथ ने मुकुल गोयल से नाराजगी दिखाते हुए उन्हें पद से हटा दिया है। मुकुल गोयल ठीक से कार्य नहीं कर रहे थे और अपने विभाग के कर्तव्यों का निर्वहन भी अच्छे ढंग से नहीं कर रहे थे जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही साथ अफसरों को भी कोई खास आदेश दिया गया है।