मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा यूपी में लगातार प्रयास किया जा रहा है कि विकास सर्वोच्च हो। हर जगह सड़कों को बनाने का काम शुरू किया गया है और साथ ही साथ साथ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यूपी के सड़कों को शीशे की तरह चमकाने की कवायद की जा रही है।

लेकिन अभी भी कई जगह देखा जाता है कि लोग सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकते हैं। सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकने के कारण कई बार शहर की सुंदरता खराब होने लगती है। अब यूपी में सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकने वाले लोगों पर नकेल कसने की सरकार ने तैयारी कर ली है। अब सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकने वाले लोगों पर हजारों रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और साथ ही साथ उन पर अन्य कार्यवाही भी की जा सकती है।

अगर कोई व्यक्ति यूपी में सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर कार्यवाही होगी। ऐसे व्यक्ति को कार्यवाही से बचाने के लिए किसी भी तरह की दलील काम नहीं करेगी।

स्वच्छ भारत मिशन की गाइडलाइन-

निगम क्षेत्रान्तर्गत व्यवसायिक प्रतिष्ठानो एवं स्ट्रीट वेन्डर द्वारा कूड़े को निर्धारित एजेंसी को न देकर सड़क पर डालने वालों के खिलाफ नगर निगम का जुर्माना वसूलने का अभियान जारी है।

आपको बता दें कि बहुत जगह कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी ताकि जगह-जगह लोग कचरा नहीं देख पाए। कूड़ा कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और कड़ी कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

गाईडलाइन के अनुसार प्रतिदिन सायंकाल 4:00 बजे से 6 :00 बजे तक मौके पर रु. 50 से रु. 1,000 तक जुर्माना वसूल रहे है। आज कुल 361 व्यक्तियों पर रु. 33,795 का जुर्माना वसूला गया।

जोन-1 के अंतर्गत 8 व्यक्तियों पर 1000 रुपये,जोन-2 के अंतर्गत 28 व्यक्तियों पर 1900 रुपये, जोन-3 के अंतर्गत 56 व्यक्तियों पर 2870 रुपये, जोन-4 के अंतर्गत 35 व्यक्तियों पर 1530 रुपये,का जुर्माना अधिरोपित कर वसूल किया गया। जोन-5 के अंतर्गत 44 व्यक्तियों पर 2490 रुपये, जोन-6 के अंतर्गत 117 व्यक्तियों पर 4035 रुपये, जोन-7 के अंतर्गत 20 व्यक्तियों पर 4820 रुपये और जोन-8 के अंतर्गत 53 व्यक्तियों पर 15150 रुपये का जुर्माना अधिरोपित कर वसूल किया गया। सार्वजनिक जगह पर कचरा फेंकते हुए अगर आप को गिरफ्तार कर लिया जाता है तो आप पर जुर्माना तो लगाया जाएगा ही साथ ही साथ अन्य कार्यवाही भी कानूनी की जाएगी।